जनता कर्फ्यू के उद्देश्य को समझें। जनहित में अपना सहयोग खुद को घर की चारदीवारी तक सीमित कर प्रदर्शित करें।🙏

निर्जन पड़ी धरती दिखी,वीरान सब मंजिल दिखी।शांत सब कलरव हुआ,आप्त जन जीवन हुआ।क्या हुआ जो सो गए?जाने कहाँ सब खो गए! एक शक्ति पारावार हैविज्ञान का अवतार है।संचार पा पातक बनीऔर लीलने जीवन लगी।निज के जने का वार हैइंसान अब लाचार है।जीना हुआ दुसवार हैजीवन हुआ बेजार है। बचाव ही उपचार है,संयम ही बस आधारपढ़ना जारी रखें “जनता कर्फ्यू के उद्देश्य को समझें। जनहित में अपना सहयोग खुद को घर की चारदीवारी तक सीमित कर प्रदर्शित करें।🙏”

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